जल रही है ये नगरी तेरी

जल रही है ये नगरी तेरी राजनीति की ही है ये हेरा फेरी एकत्व है या खंडित है ये देश अपना कलम उठी आक्रोश उगलने को ये मेरी नागरिकता बढ़ाने का ये व्यापार है गौर करो ये सरकार थोड़ी बीमार है युवा पिट रहा है खाकी से हक के लिए ये कहते है पकोड़ो सेContinue reading “जल रही है ये नगरी तेरी”

ख्वाब है तू मेरा हर घड़ी तुझको है कि जाने की है पड़ी कुछ पल मेरे लिए भी निकाल फुर्सत के संग तेरे रहने को, तनहाई मेरी मुझसे बेहद है लडी। नितिन पोरिया

बहन प्रियंका

हर गली तब सुनसान थी इंसानियत भी बेजुबान थी वक़्त भी सहम सा गया था मानो नीयत जब उनकी हैवान थी अंधेरे में रोशन चिराग है बहने दरिंदगी ने छिने उसके शर्म के गहने सबकी चौखट पर गई वो उस रात आबरू ना लूटने दो मेरी बस ये कहने आसमां भी आंसू छोड़ गया खुदाContinue reading “बहन प्रियंका”

खामोशी सी ये मुझमें जो छाई है

खामोशी सी ये मुझमें जो छाई है बेवक्त गम की बरखा लाई है खुद ही से अनजान हूं मै अब क्यों फूलों संग ज़िन्दगी कांटे ये लाई है गहरे सन्नाटे में समाई है ये जो मेरी तनहाई है क्या कभी तुम्हे यू बेवजह नींद ना अयी है बयां भी नहीं करसकता है क्या मर्ज मुझेContinue reading “खामोशी सी ये मुझमें जो छाई है”

हर वक़्त की कदर , याद हो तुझे

हर वक़्त की कदर , याद हो तुझे अगर मुठ्ठी भर बातें करने की खातिर कूद गया मै बेशर्मी कि डगर, बेशर्मी को मेरी तुम गलत मत समझना, जो आए मन में बेजीझक बोलना तुम्हारी बेबात की हंसी हसा जाती हैं कभी याद कर बस यही सब कुछ वॉट्सएप में चैट खुल जाती है तभीContinue reading “हर वक़्त की कदर , याद हो तुझे”

पहला पहला प्यार

पहले पहले प्यार को दिल मे दबोचना फिर सोचना नई जगह खोजना, कर कुछ ऐसा न हो आलोचना बनू में तुझपे कभी बोझ ना साथ देना ,बेवफाई का पचता मुझको डोज़ ना तू फिर से सोचना नया नही अब थोड़ा खास हु मैं तेरा दोस्त ना तू बस हस , बस कभी आंखों से आंसूContinue reading “पहला पहला प्यार”

है अजनबी सा एक शहर

है अजनबी सा एक शहर ख्वाबों पर हो जैसे पहर गुफ्तगू करने को तनहाई सिर्फ है बाकी उलझ गई दूर कहीं खुशियों की लहर खुद की खामियों से मै मिला हूं, वक़्त रहते सर्दी कि धूप सा खिला हूं, मुझे तो खुशी मिलती है औरो को हस्ता देख कर अजनबियों से भी मै अपनों साContinue reading “है अजनबी सा एक शहर”

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