हाल ए दिल खुद की जुबां से कैसे बताऊं मै
जो दर्द तुम बांट नहीं सकते, उसे कैसे जताऊ मै
अपनों के मेले में बेगाना हुआ मै फिर रहा
आंखो में मेरी आंसू के है पहरे
तुम कहते हो हंस के दिखाऊं मै…..
– नितिन पोरिया
हाल ए दिल खुद की जुबां से कैसे बताऊं मै
जो दर्द तुम बांट नहीं सकते, उसे कैसे जताऊ मै
अपनों के मेले में बेगाना हुआ मै फिर रहा
आंखो में मेरी आंसू के है पहरे
तुम कहते हो हंस के दिखाऊं मै…..
– नितिन पोरिया
CALM WITH AGGRESIVE ATTITUDE HAVING BUNDLES OF WORDS TO DESCRIBE EVERY PHASE OF LIFE. View more posts