कभी जुल्फे सवारू तेरी
कभी दिल को मै मनाता हूं
कभी सूरत निहरू तेरी
कभी बेवक्त बेसुरा गाता हूं
चाहे हो जो भी खुवाईश मेरी
इबादत में मैं तुझको ही पाता हू
यू ना शरमाया करो तुम यारा
दिल ये तेरी आवाज़ का हैं मारा
कभी फुर्सत में लिखूंगा चंद शब्द तेरे लिए
बस जान ले तू हैं मुझको बेहद प्यारा।
– नितिन पोरिया